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श्लोक 2.23.146  |
স্বতন্ত্র নাচিতে প্রভু মোর কোন্ শক্তি?
যথা তুমি, তথা আমি, এই মোর ভক্তি” |
स्वतन्त्र नाचिते प्रभु मोर कोन् शक्ति?
यथा तुमि, तथा आमि, एइ मोर भक्ति” |
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| अनुवाद |
| "मुझे स्वतंत्र रूप से नृत्य करने की क्या क्षमता है? आप जहाँ भी हैं, मैं वहीं हूँ। यही मेरी भक्ति है।" |
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| "What gives me the ability to dance freely? Wherever you are, I am there. That is my devotion." |
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