श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 135
 
 
श्लोक  2.23.135 
অনন্ত অর্বুদ লক্ষ লোক নদীযার
দেউটির সঙ্খ্যা করিবার শক্তি কার?
अनन्त अर्बुद लक्ष लोक नदीयार
देउटिर सङ्ख्या करिबार शक्ति कार?
 
 
अनुवाद
नादिया में अनगिनत लोग रहते थे। कौन गिन सकता है कि उन्होंने कितनी मशालें बनाईं?
 
Countless people lived in Nadia. Who can count how many torches they made?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)