श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 125
 
 
श्लोक  2.23.125 
কৃষ্ণের রহস্য আজি দেখিবেক যে
এক মহা-দীপ লঞা আসিবেক সে
कृष्णेर रहस्य आजि देखिबेक ये
एक महा-दीप लञा आसिबेक से
 
 
अनुवाद
“जो कोई भी कृष्ण की रहस्यमय शक्ति को देखना चाहता है, उसे एक बड़ी मशाल लेकर आना चाहिए।
 
“Anyone who wants to see the mysterious power of Krishna should come with a big torch.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)