श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 118
 
 
श्लोक  2.23.118 
কীর্তনের বাধ শুনিঽ প্রভু বিশ্বম্ভর
ক্রোধে হৈলেন প্রভু রুদ্র মূর্তিধর
कीर्तनेर वाध शुनिऽ प्रभु विश्वम्भर
क्रोधे हैलेन प्रभु रुद्र मूर्तिधर
 
 
अनुवाद
जब विश्वम्भर ने कीर्तन में आने वाली बाधाओं के बारे में सुना, तो वे रुद्र के समान क्रोधित हो गये।
 
When Vishvambhar heard about the obstacles in the kirtan, he became as angry as Rudra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)