श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन  »  श्लोक 89
 
 
श्लोक  2.22.89 
অদ্বৈতের ব্যাখ্যা বুঝে, হেন কোন্ আছে?
বৈষ্ণবের অগ্রগণ্য নদীযার মাঝে
अद्वैतेर व्याख्या बुझे, हेन कोन् आछे?
वैष्णवेर अग्रगण्य नदीयार माझे
 
 
अनुवाद
अद्वैत की व्याख्या कौन समझ सकता है? वे नादिया के सर्वोच्च वैष्णव थे।
 
Who can understand the definition of Advaita? He was the supreme Vaishnava of Nadia.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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