श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन  »  श्लोक 76
 
 
श्लोक  2.22.76 
হাসিঽ বলে এক ভট্টাচার্য,—“শুন শিশু!
আজি যে পডিলে, তাহা বাখানহ কিছু”
हासिऽ बले एक भट्टाचार्य,—“शुन शिशु!
आजि ये पडिले, ताहा वाखानह किछु”
 
 
अनुवाद
एक भट्टाचार्य ने मुस्कुराते हुए कहा, “सुनो, बच्चे, आज तुमने जो अध्ययन किया, उसके बारे में कुछ बताओ।”
 
A Bhattacharya smiled and said, “Listen, child, tell me something about what you studied today.”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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