vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन
»
श्लोक 140
श्लोक
2.22.140
যে জন শুনযে বিশ্বরূপের আখ্যান
সে হয অনন্ত-দাস নিত্যানন্দ-প্রাণ
ये जन शुनये विश्वरूपेर आख्यान
से हय अनन्त-दास नित्यानन्द-प्राण
अनुवाद
जो कोई विश्वरूप के विषय में सुनता है, वह भगवान अनंत का सेवक बन जाता है। नित्यानंद ही उसका जीवन और आत्मा बन जाते हैं।
Whoever hears about the Universal Form becomes a servant of Lord Ananta. Nityananda becomes his life and soul.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×