श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 22: श्री शचीदेवी की अपराध से मुक्ति और नित्यानंद के गुणों का वर्णन  »  श्लोक 121
 
 
श्लोक  2.22.121 
এ কথার হেতু কিছু শুন মন
দিযাযে-নিমিত্ত গৌরচন্দ্র বলিলেন ইহা
ए कथार हेतु किछु शुन मन
दियाये-निमित्त गौरचन्द्र बलिलेन इहा
 
 
अनुवाद
अब ध्यानपूर्वक सुनो कि गौरचन्द्र ने यह लीला क्यों की।
 
Now listen carefully why Gaurchandra performed this act.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)