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श्लोक 2.21.12  |
সর্ব-ভূত-হৃদয—জানযে সর্ব-তত্ত্ব
নাশুনযে ব্যাখ্যা ভক্তি-যোগের মহত্ত্ব |
सर्व-भूत-हृदय—जानये सर्व-तत्त्व
नाशुनये व्याख्या भक्ति-योगेर महत्त्व |
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| अनुवाद |
| भगवान् समस्त जीवों के हृदय में स्थित होने के कारण सब कुछ जानते हैं। उन्होंने उस पाठ में भक्ति की महिमा नहीं सुनी। |
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| The Lord, being situated in the hearts of all beings, knows everything. He did not hear the glories of devotion in that text. |
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