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श्लोक 2.20.98  |
মধ্য-খণ্ডে গুপ্ত-স্কন্ধে প্রভুর উত্থান
সব অবতারে গুপ্ত—সেবক-প্রধান |
मध्य-खण्डे गुप्त-स्कन्धे प्रभुर उत्थान
सब अवतारे गुप्त—सेवक-प्रधान |
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| अनुवाद |
| इस मध्यखण्ड में भगवान मुरारी की पीठ पर चढ़ते हैं, फिर भी मुरारीगुप्त भगवान के सभी अवतारों में अग्रणी सेवक हैं। |
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| In this middle section the Lord rides on the back of Murari, yet Murarigupta is the foremost servant of the Lord in all His incarnations. |
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