श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 20: मुरारी गुप्त की महिमा  »  श्लोक 84
 
 
श्लोक  2.20.84 
গুপ্ত বলে,—“পাসরিলা তোমারে লৈযাস্
বর্গ হৈতে পারিজাত আনিলুঙ্ বহিযা
गुप्त बले,—“पासरिला तोमारे लैयास्
वर्ग हैते पारिजात आनिलुङ् वहिया
 
 
अनुवाद
मुरारी गुप्त ने आगे कहा, "शायद आप भूल गए हैं कि मैं आपको और पारिजात वृक्ष को स्वर्ग से ले आया हूँ।"
 
Murari Gupta continued, "Perhaps you have forgotten that I brought you and the Parijat tree from heaven."
तात्पर्य
देखें श्रीमद भागवतम, दशम् स्कन्ध, अध्याय पचानवे
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)