श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 20: मुरारी गुप्त की महिमा  »  श्लोक 83
 
 
श्लोक  2.20.83 
প্রভু বলে,—“বেটা তুই আমার বাহন”
ঽহয হযঽ হেন গুপ্ত বলযে বচন
प्रभु बले,—“बेटा तुइ आमार वाहन”
ऽहय हयऽ हेन गुप्त बलये वचन
 
 
अनुवाद
भगवान बोले, “मेरे प्रिय मित्र, तुम मेरे वाहक हो।” मुरारी गुप्त ने उत्तर दिया, “हाँ। हाँ।”
 
The Lord said, “My dear friend, you are my carrier.” Murari Gupta replied, “Yes. Yes.”
तात्पर्य
प्रभु ने मुरारी को अपना वाहक स्वीकार किया और मुरारी ने स्वीकृति प्रदान की।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)