श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 20: मुरारी गुप्त की महिमा  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  2.20.69 
জল-পানে অজীর্ণ করিতে নারে বল
তোর অন্নে অজীর্ণ, ঔষধ—তোর জল”
जल-पाने अजीर्ण करिते नारे बल
तोर अन्ने अजीर्ण, औषध—तोर जल”
 
 
अनुवाद
"पानी पीने से अपच दूर होती है। मुझे अपच आपके चावल खाने से हुई थी, इसलिए इसका इलाज आपका पानी पीना है।"
 
"Drinking water cures indigestion. I got indigestion from eating your rice, so the cure is to drink your water."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)