vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 20: मुरारी गुप्त की महिमा
»
श्लोक 52
श्लोक
2.20.52
হেন-মতে মুরারি প্রভুর কৃপা-পাত্র
এ কৃপার পাত্র সবে হনূমান্-মাত্র
हेन-मते मुरारि प्रभुर कृपा-पात्र
ए कृपार पात्र सबे हनूमान्-मात्र
अनुवाद
इस प्रकार मुरारी भगवान की कृपा के पात्र बन गए। केवल हनुमान को ही मुरारी जैसी कृपा प्राप्त हुई।
Thus, Murari became the recipient of God's grace. Only Hanuman received such grace as Murari.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×