श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 20: मुरारी गुप्त की महिमा  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  2.20.26 
প্রভু বলে,—“মুরারি, আমার প্রিয তুমি
অতএব তোমারে ভাঙ্গিল মর্ম আমি”
प्रभु बले,—“मुरारि, आमार प्रिय तुमि
अतएव तोमारे भाङ्गिल मर्म आमि”
 
 
अनुवाद
भगवान बोले, "हे मुरारी, तुम मुझे बहुत प्रिय हो। इसलिए मैंने तुम्हें यह गोपनीय सत्य बताया है।"
 
The Lord said, "O Murari, you are very dear to me. That is why I have told you this secret truth."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)