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श्लोक 2.20.23  |
আগে নিত্যানন্দের চরণে নমস্করিঽ
পাছে বন্দে বিশ্বম্ভর-চরণ মুরারি |
आगे नित्यानन्देर चरणे नमस्करिऽ
पाछे वन्दे विश्वम्भर-चरण मुरारि |
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| अनुवाद |
| मुरारी ने पहले नित्यानंद के चरणकमलों में प्रणाम किया और फिर विश्वम्भर के चरणकमलों में प्रणाम किया। |
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| Murari first bowed at the lotus feet of Nityananda and then bowed at the lotus feet of Vishvambhar. |
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