श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 20: मुरारी गुप्त की महिमा  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  2.20.16 
নিত্যানন্দ-মূর্তি দেখে যেন হলধর
শিরে পাখা ধরিঽ পাছে যায বিশ্বম্ভর
नित्यानन्द-मूर्ति देखे येन हलधर
शिरे पाखा धरिऽ पाछे याय विश्वम्भर
 
 
अनुवाद
उन्होंने देखा कि नित्यानंद बिल्कुल हलधर की तरह दिखते थे, और उन्होंने विश्वम्भर को पीछे से उन्हें पंखा झलते देखा।
 
He saw that Nityananda looked exactly like Haladhara, and he saw Vishvambhara fanning him from behind.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)