श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 20: मुरारी गुप्त की महिमा  »  श्लोक 114
 
 
श्लोक  2.20.114 
সর্ব-ভূত-হৃদয—ঠাকুর বিশ্বম্ভর
মুরারির চিত্ত-বৃত্তি হৈল গোচর
सर्व-भूत-हृदय—ठाकुर विश्वम्भर
मुरारिर चित्त-वृत्ति हैल गोचर
 
 
अनुवाद
भगवान विश्वम्भर सभी जीवों के हृदय में निवास करते हैं। इसलिए उन्होंने मुरारी के संकल्प को समझ लिया।
 
Lord Visvambhara resides in the hearts of all living beings. Therefore, he understood Murari's resolve.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)