जय जय गौरसिꣳह श्री-शची-कुमार
जय सर्व-ताप-हर चरण तोमार
अनुवाद
शचीपुत्र गौरसिंह की जय हो! आपके चरणकमलों की जय हो, जो समस्त दुःखों को हर लेते हैं!
Victory to Gaurasimha, the son of Shachi! Victory to your lotus feet, which dispel all sorrows!
तात्पर्य
श्री गौरसुन्दर के चरण कमलों में शरण लेने वाली जीवों के भौतिक दुख नष्ट हो जाते हैं। श्री गौरसुन्दर किसी भी प्रकार की सांसारिक गतिविधियों को प्रोत्साहित नहीं करते हैं, वह जीवों को उनकी मौलिक स्थिति का अनुभव करने में मदद करते हैं और इस प्रकार उन्हें सभी प्रकार के भौतिक दुखों से मुक्त करते हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥