vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ
»
श्लोक 82
श्लोक
2.19.82
সন্ন্যাসী বলযে,—“স্নান কর এইখানে
কিছু খাইঽ স্নিগ্ধ হৈঽ করহ গমনে”
सन्न्यासी बलये,—“स्नान कर एइखाने
किछु खाइऽ स्निग्ध हैऽ करह गमने”
अनुवाद
संन्यासी ने कहा, “यहाँ स्नान करो, कुछ खाओ, तरोताजा हो जाओ, और फिर जाओ।”
The monk said, “Take a bath here, eat something, freshen up, and then go.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×