আমি না জানিল ভাল, মন্দ হয কায
দুগ্ধের ছাওযাল আজি আমারে শিখায”
आमि ना जानिल भाल, मन्द हय काय
दुग्धेर छाओयाल आजि आमारे शिखाय”
अनुवाद
"फिर भी मैं समझ नहीं पाया कि क्या अच्छा है और क्या बुरा। अब यह बच्चा, जो अभी भी अपनी माँ का दूध पी रहा है, मुझे सिखा रहा है।"
"Even then I could not understand what was good and what was bad. Now this child, who is still drinking his mother's milk, is teaching me."
तात्पर्य
"मैं अनुभवी, परिपक्व, भौतिक कार्यों में दक्ष हूँ, और मैंने भारत भर में अपनी तीर्थ यात्रा के दौरान विभिन्न पवित्र स्थानों पर बुद्धिमान व्यक्तियों से अच्छी सलाह ली है, लेकिन यह ब्राह्मण बालक जो मेरे अनुभव की सराहना नहीं करता है या एक चूसने वाले बच्चे के रूप में उनकी स्थिति को समझता है, मुझे सिखाने आया है। मैं अच्छे और बुरे के अर्थ से पूरी तरह वाकिफ हूँ।"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥