श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ  »  श्लोक 67
 
 
श्लोक  2.19.67 
যে-তে-মতে গঙ্গা-স্নান-হরি-নাম কৈলে
দ্রব্যের প্রভাবে ঽভক্তিঽ হৈবেক হেলে
ये-ते-मते गङ्गा-स्नान-हरि-नाम कैले
द्रव्येर प्रभावे ऽभक्तिऽ हैबेक हेले
 
 
अनुवाद
“यदि कोई किसी प्रकार गंगा में स्नान करे और हरि का नाम जपता रहे, तो उसके प्रभाव से उसे सरलता से भक्ति प्राप्त हो जाएगी।
 
“If someone somehow bathes in the Ganga and keeps chanting the name of Hari, then by its effect he will easily attain devotion.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)