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श्लोक 2.19.63  |
শুন শুন গোসাঞি ইহার হেতু—কর্ম
কোন্ মহাপুরুষে সে জানে এই মর্ম |
शुन शुन गोसाञि इहार हेतु—कर्म
कोन् महापुरुषे से जाने एइ मर्म |
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| अनुवाद |
| "सुनो गोसाणी! इसका कारण कर्म है। कौन महापुरुष इसे यथार्थ रूप से जानता है? |
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| "Listen, Gosani! The cause of this is karma. Which great man truly knows this? |
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