"मैंने इस ब्राह्मण-पुत्र को प्रसन्न होके यह आशीर्वाद दिया, 'धनवान रहो', पर वह कृतज्ञता की बजाए मुझे दोष देने लगा। यह निश्चय ही कलियुग का काम है!"