श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ  »  श्लोक 44
 
 
श्लोक  2.19.44 
নিত্যানন্দ-স্থানে প্রভু করযে জিজ্ঞাসা
“কাহার মণ্ডপ জান কহ কার বাসা?”
नित्यानन्द-स्थाने प्रभु करये जिज्ञासा
“काहार मण्डप जान कह कार वासा?”
 
 
अनुवाद
भगवान ने नित्यानंद से पूछा, "क्या आप जानते हैं कि यह आश्रम किसका है और यहाँ कौन रहता है?"
 
The Lord asked Nityananda, “Do you know whose ashram this is and who lives here?”
तात्पर्य
मंडला [sic] शब्द का अर्थ है "आस-पास का क्षेत्र", "शिविर", "आश्रम", "संपत्ति", या "स्वयं की भूमि"।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)