श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  2.19.41 
মহারঙ্গী দুই প্রভু পরম চঞ্চল
সেই পথে চলিলেন আচার্যের ঘর
महारङ्गी दुइ प्रभु परम चञ्चल
सेइ पथे चलिलेन आचार्येर घर
 
 
अनुवाद
तब दोनों प्रसन्नचित्त, अत्यन्त चंचल भगवान् अद्वैत आचार्य के घर की ओर चल पड़े।
 
Then both of them, happy and extremely playful, started walking towards the house of Lord Advaita Acharya.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)