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श्लोक 2.19.266  |
গৌরচন্দ্র মহাপ্রভু সবার জীবন
সবারে করিল প্রভু প্রেম-আলিঙ্গন |
गौरचन्द्र महाप्रभु सबार जीवन
सबारे करिल प्रभु प्रेम-आलिङ्गन |
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| अनुवाद |
| सभी के जीवन और आत्मा गौरचन्द्र महाप्रभु ने उनमें से प्रत्येक को प्रेम से गले लगाया। |
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| Gaurachandra Mahaprabhu, the life and soul of all, embraced each one of them with love. |
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