vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ
»
श्लोक 24
श्लोक
2.19.24
আদি অন্ত আমি পডিলাম সর্ব-শাস্ত্র
বুঝিলাম সর্ব-অভিপ্রায—ঽজ্ঞানঽ মাত্র
आदि अन्त आमि पडिलाम सर्व-शास्त्र
बुझिलाम सर्व-अभिप्राय—ऽज्ञानऽ मात्र
अनुवाद
“मैंने सभी शास्त्रों का आरंभ से अंत तक अध्ययन किया है और इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि ज्ञान ही सबका सार है।”
“I have studied all the scriptures from beginning to end and have come to the conclusion that knowledge is the essence of everything.”
तात्पर्य
"शास्त्रों का आदि अंत पढ़कर ज्ञान को ही श्रेष्ठ पाया है।"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×