श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ  »  श्लोक 238
 
 
श्लोक  2.19.238 
দ্বারে বসিঽ ভোজন করযে হরিদাস
যাঽর দেখিবার শক্তি সকল প্রকাশ
द्वारे वसिऽ भोजन करये हरिदास
याऽर देखिबार शक्ति सकल प्रकाश
 
 
अनुवाद
हरिदास, जो उन लीलाओं को देखने के योग्य थे, द्वार पर बैठ गए और भोजन करने लगे।
 
Haridas, who was worthy to witness those pastimes, sat at the door and began to eat.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)