श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ  »  श्लोक 229
 
 
श्लोक  2.19.229 
নিত্যানন্দ, হরিদাস, অদ্বৈতাদি-সঙ্গে
গঙ্গা-স্নানে বিশ্বম্ভর চলিলেন রঙ্গে
नित्यानन्द, हरिदास, अद्वैतादि-सङ्गे
गङ्गा-स्नाने विश्वम्भर चलिलेन रङ्गे
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् विश्वम्भर अपने साथियों नित्यानन्द, हरिदास और अद्वैत के साथ गंगा स्नान करने चले गये।
 
After that Vishwambhar went to take bath in the Ganga with his companions Nityananda, Haridas and Advaita.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)