vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ
»
श्लोक 218
श्लोक
2.19.218
অদ্বৈতের বাক্য বুঝিবার শক্তি কার
জানিহ ঈশ্বর-সনে ভেদ নাহি যার
अद्वैतेर वाक्य बुझिबार शक्ति कार
जानिह ईश्वर-सने भेद नाहि यार
अनुवाद
अद्वैत के शब्दों को समझने की शक्ति किसमें है? उसे यह जानना चाहिए कि उसमें और परमेश्वर में कोई अंतर नहीं है।
Who has the power to understand the words of Advaita? He must know that there is no difference between himself and God.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×