श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ  »  श्लोक 186
 
 
श्लोक  2.19.186 
পলাইলে না এডাই সুদর্শন-স্থানে
মহাশৈব পডিঽ বলে চক্রের চরণে
पलाइले ना एडाइ सुदर्शन-स्थाने
महाशैव पडिऽ बले चक्रेर चरणे
 
 
अनुवाद
यह सोचकर कि यदि वह भागने का प्रयास करेगा तो सुदर्शन उसे नहीं छोड़ेगा, शिव की महान रचना सुदर्शन के चरणों में गिर पड़ी और इस प्रकार बोली।
 
Thinking that Sudarshana would not spare him if he tried to escape, Shiva's great creation fell at Sudarshana's feet and spoke thus.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)