যে তোমার পাদ-পদ্ম না করে ভজন
তোরে না মানিলে কভু নহে মোর জন
ये तोमार पाद-पद्म ना करे भजन
तोरे ना मानिले कभु नहे मोर जन
अनुवाद
“जो आपके चरणकमलों की पूजा नहीं करता तथा आपको परमेश्वर के रूप में स्वीकार नहीं करता, वह मुझे प्रिय नहीं है।
“He who does not worship Your lotus feet and accept You as the Supreme Lord is not dear to Me.
तात्पर्य
"हे विश्वम्भर, यदि किसी में आप के चरणारविंदों की सेवा के प्रति प्रेम नहीं है तो मैं उसको अपना नहीं मानूँगा। मैं ऐसे सभी वंशजों और शिष्यों का त्याग करने को तैयार हूँ।" आज भी गौड़ीय वैष्णव ऐसे वंशजों और शिष्यों को त्याग किया हुआ वंशज और त्यागा हुआ शिष्य मानते हैं। श्री अद्वैत प्रभु की भविष्यवाणी सफल हुई। अद्वैत प्रभु के अंतरंग शिष्यों और वंशजों ने पंडित गदाधर की गुरुता स्वीकार कर ली, किंतु अद्वैत के विरोधी पुत्रों और शिष्यों ने गदाधर पंडित गोस्वामी का मार्गदर्शन स्वीकार नहीं किया और उन्हें अपना गुरु नहीं मान सके।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥