“কোথা গেল এবে মোরে তোমার সে স্তুতি?
কোথা গেল এবে তোর সে সব ঢাঙ্গাতি?
“कोथा गेल एबे मोरे तोमार से स्तुति?
कोथा गेल एबे तोर से सब ढाङ्गाति?
अनुवाद
"अब कहाँ गया तुम्हारा मेरा महिमामंडन? अब कहाँ गया तुम्हारा सारा कपटपूर्ण व्यवहार?
"Where is your glorification of me now? Where is all your deceitful behavior now?"
तात्पर्य
ढांग यानी ढोंग। अद्वैत बोले, ''तेरी सारी मेरी महिमा अब कहाँ गई? जब मैने ज्ञानमार्ग का उपदेश किया तो तूने मेरा गुणगान करने की अपेक्षा मुझे पीटा ही। मुझे कभी भी तेरी सेवा-पूजा इष्ट नहीं थी। मैं तो सिर्फ तेरी सेवा चाहता था। तेरे ढोंगी स्वभाव के कारण ही तूने मुझे अनुचित स्तुतियाँ की थी। उसके बाद भी तू ऐसा नहीं कर सकता। मैं तो तेरा शाश्वत सेवक हूँ और तू मेरा शाश्वत स्वामी। अपने सेवक की स्तुति करना तुझे शोभा नहीं देता। तेरा स्वभाव है कि तू सेवक को डाँटता-फटकारता रहे और उसकी उपासना स्वीकारता रहे। परन्तु तूने अनुचित ढंग से मेरी महिमा की। अब तू महिमा करने के बदले मुझे दंड दे रहा है। यह ठीक है।''
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥