श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ  »  श्लोक 136
 
 
श्लोक  2.19.136 
“বুডা বিপ্র, বুডা বিপ্র, রাখ রাখ প্রাণ
কাহার শিক্ষায এত কর অপমান?
“बुडा विप्र, बुडा विप्र, राख राख प्राण
काहार शिक्षाय एत कर अपमान?
 
 
अनुवाद
"इसकी जान बक्श दो, यह तो बूढ़ा ब्राह्मण है! किसके लाभ के लिए इसे दण्ड दे रहे हो?"
 
"Spare his life, he is an old Brahmin! For whose benefit are you punishing him?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)