श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ  »  श्लोक 120
 
 
श्लोक  2.19.120 
“মোহারে আনিল নাডাশযন ভাঙ্গিযা
এখানে বাখানে ঽজ্ঞানঽ ভক্তি লুকাইযা
“मोहारे आनिल नाडाशयन भाङ्गिया
एखाने वाखाने ऽज्ञानऽ भक्ति लुकाइया
 
 
अनुवाद
“नाद ने मेरी नींद में खलल डाला और मुझे यहाँ ले आये, और अब वे ज्ञान का उपदेश देकर भक्ति की महिमा को उजागर कर रहे हैं।
 
“The sound disturbed my sleep and brought me here, and now he is preaching knowledge and revealing the glory of devotion.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)