श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 19: अद्वैत आचार्य के घर में भगवान की लीलाएँ  »  श्लोक 107
 
 
श्लोक  2.19.107 
পাছে শুনিলেন সব সন্ন্যাসীর গণ
চলিলেন চৈতন্য, নহিল দরশন
पाछे शुनिलेन सब सन्न्यासीर गण
चलिलेन चैतन्य, नहिल दरशन
 
 
अनुवाद
बाद में संन्यासियों को पता चला कि भगवान चैतन्य चले गये हैं, अतः वे उन्हें नहीं देख सकेंगे।
 
Later the sannyasis came to know that Lord Chaitanya had left and hence they would not be able to see Him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)