श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 18: महाप्रभु के गोपी के रूप में नृत्य  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  2.18.69 
এই মত কি ঘর-বাহিরে সর্ব-জন
বাহ্য নাহি স্ফুরে, সবে করেন ক্রন্দন
एइ मत कि घर-बाहिरे सर्व-जन
बाह्य नाहि स्फुरे, सबे करेन क्रन्दन
 
 
अनुवाद
इस प्रकार कमरे के अन्दर और बाहर सभी लोग बेहोश हो गये और रोने लगे।
 
Thus everyone inside and outside the room fainted and started crying.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)