श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 18: महाप्रभु के गोपी के रूप में नृत्य  »  श्लोक 195
 
 
श्लोक  2.18.195 
কান্দে সব-ভক্ত-গণ বিষাদ ভাবিযা
পতি-ব্রতা-গণ কান্দে ভূমিতে পডিযা
कान्दे सब-भक्त-गण विषाद भाविया
पति-व्रता-गण कान्दे भूमिते पडिया
 
 
अनुवाद
सभी भक्तजन बहुत विलाप करने लगे और पवित्र स्त्रियाँ भूमि पर गिरकर रोने लगीं।
 
All the devotees started lamenting loudly and the holy women fell on the ground and started crying.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)