श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 18: महाप्रभु के गोपी के रूप में नृत्य  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  2.18.19 
সেই সে যাইব আজি বাডীর ভিতরে
যে জন ইন্দ্রিয ধরিতে শক্তি ধরে”
सेइ से याइब आजि बाडीर भितरे
ये जन इन्द्रिय धरिते शक्ति धरे”
 
 
अनुवाद
"केवल वे लोग जो अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण रखते हैं, उन्हें ही घर के अंदर रहने की अनुमति होगी।"
 
“Only those who are in control of their senses will be allowed to stay indoors.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)