श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 18: महाप्रभु के गोपी के रूप में नृत्य  »  श्लोक 164
 
 
श्लोक  2.18.164 
সম্মুখে রহিলা সবে যোড-হস্ত করিঽ
ঽমোর স্তব পডঽ বলে গৌরাঙ্গ শ্রী-হরি
सम्मुखे रहिला सबे योड-हस्त करिऽ
ऽमोर स्तव पडऽ बले गौराङ्ग श्री-हरि
 
 
अनुवाद
जब सभी लोग भगवान के सामने हाथ जोड़कर खड़े हो गए, तो श्री गौरहरि ने उनसे कहा, "मेरी प्रार्थना करो।"
 
When everyone stood with folded hands before the Lord, Sri Gaurahari said to them, "Pray to me."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)