vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 18: महाप्रभु के गोपी के रूप में नृत्य
»
श्लोक 151
श्लोक
2.18.151
সর্ব-শক্তি-স্বরূপে নাচযে বিশ্বম্ভর
কেহ নাহি দেখে হেন নৃত্য মনোহর
सर्व-शक्ति-स्वरूपे नाचये विश्वम्भर
केह नाहि देखे हेन नृत्य मनोहर
अनुवाद
इस प्रकार विश्वम्भर ने अपनी विभिन्न पत्नियों के रूप में नृत्य किया। ऐसा मनमोहक नृत्य किसी ने पहले कभी नहीं देखा था।
Thus Visvambhara danced in the guise of his various wives. No one had ever seen such captivating dance before.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×