श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 18: महाप्रभु के गोपी के रूप में नृत्य  »  श्लोक 129
 
 
श्लोक  2.18.129 
এই মতে অন্যোন্যে সর্ব-জনে-জনে
না চিনিযা প্রভুরে আপনে মোহ মানে
एइ मते अन्योन्ये सर्व-जने-जने
ना चिनिया प्रभुरे आपने मोह माने
 
 
अनुवाद
इस प्रकार सभी लोग भ्रमित हो गये और भगवान को पहचानने में असमर्थ हो गये।
 
Thus everyone became confused and unable to recognize God.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)