श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 18: महाप्रभु के गोपी के रूप में नृत्य  »  श्लोक 107
 
 
श्लोक  2.18.107 
গঙ্গাদাস বলে,—“আজি কোথায রহিবা?”
ব্রহ্মানন্দ বলে,—“তুমি স্থান-খানি দিবা”
गङ्गादास बले,—“आजि कोथाय रहिबा?”
ब्रह्मानन्द बले,—“तुमि स्थान-खानि दिबा”
 
 
अनुवाद
गंगादास ने पूछा, “आज आप कहाँ रहेंगे?” ब्रह्मानन्द ने कहा, “आप हमें जगह देंगे।”
 
Ganga Das asked, “Where will you stay today?” Brahmananda said, “You will give us a place.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)