श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 17: नवद्वीप में भगवान का भ्रमण और भक्तों की महिमा का वर्णन  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  2.17.73 
অন্য জন হৈলে কি আমরাই সহি?
তোমার সে সবেই জীবন প্রভু বহি
अन्य जन हैले कि आमराइ सहि?
तोमार से सबेइ जीवन प्रभु वहि
 
 
अनुवाद
"अगर कोई और उसे सज़ा देता, तो क्या हम उसे बर्दाश्त करते? हे प्रभु, आप ही हमारे जीवन और आत्मा हैं।"
 
"If someone else had punished him, would we have tolerated it? Lord, you are our life and soul."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)