श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 17: नवद्वीप में भगवान का भ्रमण और भक्तों की महिमा का वर्णन  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  2.17.33 
প্রেম-শূন্য শরীর থুইযা কিবা কাজ
চিন্তিযা পডিলা প্রভু জাহ্নবীর মাঝ
प्रेम-शून्य शरीर थुइया किबा काज
चिन्तिया पडिला प्रभु जाह्नवीर माझ
 
 
अनुवाद
यह सोचकर कि भगवान के प्रेम से रहित शरीर को रखने से कोई लाभ नहीं है, भगवान गंगा में कूद पड़े।
 
Thinking that there is no benefit in keeping the body devoid of the love of God, the Lord jumped into the Ganges.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)