श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 17: नवद्वीप में भगवान का भ्रमण और भक्तों की महिमा का वर्णन  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  2.17.32 
সেই মত রড দিলা ঘুচাইযা দ্বার
পাছে ধায নিত্যানন্দ-হরিদাস তাঙ্র
सेइ मत रड दिला घुचाइया द्वार
पाछे धाय नित्यानन्द-हरिदास ताङ्र
 
 
अनुवाद
भगवान ने अचानक दरवाजा खोला और बाहर भागे, और नित्यानन्द और हरिदास उनके पीछे दौड़े।
 
The Lord suddenly opened the door and ran out, and Nityananda and Haridasa ran after Him.
तात्पर्य
वाक्यांश raḍa dilā का अर्थ "भागना" या "जल्दी भागना" होता है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)