श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 17: नवद्वीप में भगवान का भ्रमण और भक्तों की महिमा का वर्णन  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  2.17.28 
যে ভক্তি-প্রভাবে কৃষ্ণে বেচিবারে পারে
সে যে বাক্য বলিবেক, কি বিচিত্র তারে
ये भक्ति-प्रभावे कृष्णे वेचिबारे पारे
से ये वाक्य बलिबेक, कि विचित्र तारे
 
 
अनुवाद
जो व्यक्ति अपनी भक्ति के प्रभाव से कृष्ण को बेच सकता है, उसके लिए इस प्रकार बोलना असामान्य क्या है?
 
What is unusual about a person who can sell Krishna through the power of his devotion to speak like this?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)