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श्लोक 2.17.18  |
রহিযা রহিযা বলে,—“আরে ভাই সব
আজি কেনে নহে মোর প্রেম অনুভব |
रहिया रहिया बले,—“आरे भाइ सब
आजि केने नहे मोर प्रेम अनुभव |
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| अनुवाद |
| एक-दो बार प्रभु रुके और बोले, "हे भाइयों, आज मुझे कोई परमानंद क्यों नहीं महसूस हो रहा है? |
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| Once or twice the Lord stopped and said, “Brothers, why am I not feeling any ecstasy today? |
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