श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 17: नवद्वीप में भगवान का भ्रमण और भक्तों की महिमा का वर्णन  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  2.17.16 
প্রভু বলে,—“হৈল আজি পাষণ্ডী-সম্ভাষ
সঙ্কীর্তন কর সবে, দুঃখ যাউ নাশ”
प्रभु बले,—“हैल आजि पाषण्डी-सम्भाष
सङ्कीर्तन कर सबे, दुःख याउ नाश”
 
 
अनुवाद
भगवान बोले, "आज मैंने कुछ नास्तिकों से बात की है। इसलिए आओ हम कीर्तन करें ताकि मेरा दुःख नष्ट हो जाए।"
 
The Lord said, "Today I have spoken to some atheists. So let us sing kirtan so that my sorrow may be dispelled."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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